Wednesday, 23 December 2015

सीवीसी और सीबीआई को लोकपाल के अंतर्गत लाए


संसदीय समिति ने लोकपाल पर अपनी रिपोर्ट संसद में सौपी

नई दिल्ली_ लोकपाल पर तैयार की गई अपनी रिपोअ संसदीय समिति ने संसद के दोनों सदनों में सौंप दी है | रिपोर्ट में समिति ने सीबीआई और केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को भी लोकपाल के तहत लाने का सुझाव दिया है | रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि इन दोनों एजेंसियों को कम से कम भ्रष्टाचार के मामलो की जाँच के लिए लोकपाल के अंतर्गत लाया जाए | समिति के मुताबिक इन दोनों एजेसियों को कम से कम भ्रष्टाचार के मामलों के लिए लोकपाल के तहत लाया जाए और इनका नियंत्रण लोकपाल के हाथ में ही रहे | इन्हे भ्रष्टाचार निरोधी विंग के तौर पर शामिल किया जा सकता है | इसके अलावा संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि जब लोकपाल सदस्य चयन समिति में मान्यता प्राप्त कोई विपक्षी नेता शामिल नही हो पाता है , तो ऐसी सूरत में लोकसभा में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता को शामिल किया जाए |अगर इस सुझाव को अपना लिया जाता है तो कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का इसमे शामिल होना तय है | कांग्रेस सांसद ईएम सुदर्शन नत्चीअप्पन के नेतृत्व में संसदीय स्थायी समिति ने सरकारी कर्मचारियों और राजनीतिज्ञों के अपने संपत्ति का खुलासा करने के नियम को भी गैरजरूरी करार दिया है |   

दिल्ली –जयपुर हाईवे टोल मामले में सीबीआई ने जाँच शुरू की


नई दिल्ली_ दिल्ली और जयपुर को जोड़ने वाली दिल्ली –जयपुर हाईवे पर टोल कलेक्शन में हुई धाधली के मामले में सीबीआई ने शुरुआती जाँच शुरू कर दी है | इस सम्बन्ध में पूछे गए एक प्रश्न का जबाब देते हुए परिवहन राज्य मंत्री पोन राधाकृष्णनन ने बताया कि सीबीआई ने मामले में एनएचआई और पिंक सिटी एक्सप्रेस हाईवे कम्पनी के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्रारम्भिक रिपोर्ट दर्ज कर ली है | 

नेशनल हेराल्ड केस में अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस


नई दिल्ली__ नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस पार्टी अब सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी | दिल्ली हाईकोर्ट से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और उपाध्यक्ष राहुल गाँधी को राहत नही मिलने के बाद पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है | पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट के फैसले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट का निर्णय कानूनी आधार पर बहुत कमजोर है | इसे चुनौती दी जाएगी | हाईकोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में सिंघवी ने कहा कि आमतौर पर जब निर्णय आने वाला होता है | तो उच्च न्यायालय कि तरफ से इसका विवरण आता है | कि आज मामले का निर्णय आने वाला है | इस केस में ऐसी कोई विवरण नही था | सिंघवी के मुताबिक उन्हें सोमबार सुबह ११-११-३० के बीच टेलीफ़ोन पर सूचना दी गई कि इस केस पर दोपहर में फैसला दिया जाएगा | निर्णय में विविध कानूनी खामियां है | उन्होंने कहा कि जिस यंग इंडिया को लेकर मामला चल रहा है | वह कम्पनी एक्ट के अनुच्छेद २५ के तहत नियंत्रित है |ऐसी कंपनी लाभांश और अपने शेयरहोल्डर या निदेशकों को कोई फायदा नही दे सक
ती है | इसके बाद ही पार्टी ने सर्वोच्च न्यायालय जाने का निर्णय लिया है |

स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की कैविएट


नई दिल्ली_नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस द्वारा हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने कि खबरों 
के बीच भाजपा नेता सुब्रहमणयम स्वामी ने एक कदम आगे रहते हुए सोमबार को सुप्रीम कोर्ट में 
कैविएट दाखिल कर दी है | स्वामी के अनुसार उन्होंने इसलिए कैविएट फाइल की है | ताकि यदि इस मामले में कोई याचिका दायर की जाती है | तो  बिना उन्हें सुने याचिका पर न तो सुनवाई होनी चाहिए | और न ही कोई आदेश दिया जाना चाहिए | 

दिल्ली सरकार के फैसले से ऑटो उधोग हो सकता है प्रभावित


नई दिल्ली_ प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से एक दिन सम और दूसरे दिन बिषम नंबर वाले निजी वाहनों के चलने के प्रस्ताव पर ऑटो उधोग ने चिंता जाहिर की है | ऑटो उधोग को इस बात की आशंका है कि दिल्ली सरकार के इस फैसले के लागू होने पर कही न कही कारों की बिक्री प्रभावित हो सकती है | दिल्ली सरकार आगामी एक जनवरी से नए प्रस्ताव पर अमल करने जा रही है | सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैकचर्स (सियाम) के मुताबिक दिल्ली सरकार को इस मामले में स्टेकहोल्डर्स से बातचीत करनी चाहिये  थी , लेकिन सियाम के साथ कोई विचारे-विमर्श नही किया गया | सियाम के उप महानिदेशक सुगातो सेन ने बताया कि पिछले साल केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से कराए गए सर्वे के मुताबिक कुल प्रदूषण में ऑटो की हिस्सेदारी ८ फीसदी थी |अब यह अधिक से अधिक १२-१४ फीसदी हो गया होगा | लेकिन सरकार प्रदूषण के लिए जिम्मेदार बाकी के ८० फीसदी कारकों की पहचान नही कर रही है | प्रदूषण फ़ैलाने वाले ८० फीसदी कारकों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है | उन्होंने कहा कि अधिकतर प्रदूषण डीजल की गाड़ी से है , ऐसे में पेट्रोल गाडीयों पर इस प्रकार की रोक का कोई औचित्य नही है | सेन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पिछले पांच सालों से दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस खरीदारी नही की है | ऑटो विशेषज्ञों के मुताबिक गाड़ियां कम चलेगी तो गाड़ी में मरम्मत का काम भी कम होगा , जो ऑटो पार्ट्स उधोग को प्रभावित करेगी | गाड़ियाँ कम चलेगी तो कम खराब होगी , उनकी सर्विसिंगकम होगी | फिर पार्ट्स भी कम बदले जाएंगे , जिससे उनके कारोबार में कमी आएगी | दिल्ली देश में सबसे अधिक पंजीक्रत वाहनों वाला शहर है |








भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने का एलान


बरेली_ मुफ़्ती-ए-आजम हिन्द के कुल में एलान किया गया कि आला हजरत दरगाह भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाएगी | मुफ़्ती सलीम नूरी ने कहा कि पूरे हिन्दुस्तान का सिस्टम भ्रष्टाचार की वजह से चरमरा गया है | मुसलमान इस मुल्क का अभिन्न अंग है | उसकी भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वह इस भ्रष्टाचार के खात्मे को आगे आए | कारी अमीर हम्जा ने कुरआन कि आयते पढ़कर प्रोग्राम की शुरुआत की | संचालन कारी युसूफ रजा ने किया | उन्होंने बताया कि आईएस तालिबान , अलकायदा जैसे आतंकी संगठन पूरी दुनिया में विशेष तौर पर इस्लामिक देशों में कत्ल व मारकाट और खून खराबे का जो नंगा नाच कर रहे है | पानी की तरह खून बहा रहे है उसकी जितनी भी भत्सर्ना कि जाये वह कम है यही वह आतंकबाद है जिससे पूरा विश्व पीड़ित है | कुल में हजारो लोगो की भीड़ उमड़ी थी | सजरा मुख़तार बहेडवी ने पढ़ा | कुल शरीफ कारी अमानत रसूल ने पढ़ा | दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मौलाना अहसन मियां ने अमन व शांति की दुआ की | रविवार को १.४० बजे शुरू होकर सोमवार को तडके सुबह चार बजे तक प्रोग्राम चला | इसके बाद मंजरे इस्लाम तथा मरकजी तंजीमुल मदारिस के छात्रों ने हिंदी, उर्दू , अरबिक और फारसी ,अंग्रेजी में तकरीरों का प्रोग्राम पेश किये | कार्यक्रम की अध्यक्षता हजरत अहसन मियां ने की | छात्रों ने अपनी तकरीरों से ऊँचे इरादों का सुबूत पेश करते हुए कहा की यहाँ तालीम हासिल करने के बाद मुल्क में इल्म की रोशनी फैलाएंगे | मुफ़्ती सलीम नूरी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहीम चलाने का एलान किया | टीटीएस के परवेज खान नूरी , हाजी जावेद खान , शाहिद खान नूरी , अजमल नूरी ,ताहिर अल्वी , औरंगजेब खां नूरी ,आदि मौजूद रहा |



Wednesday, 9 December 2015

काला धन मामले में बैंक ऑफ बडौदा पर सीबीआई का छापा



६००० करोड़ से अधिक की रकम हांगकांग भेजने का मामला , ईडी भी करवाई में शामिल

नई दिल्ली_ सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ बडौदा (बीओबी) की एक शाखा से पिछले एक साल में ६००० करोड़ रुपये से अधिक का  कथित काला धन देश से बाहर भेजे जाने के मामले ने एनडीए सरकार के सभी दावों पर सवाल खड़े कर दिए है | इस सिलसिले में सीबीआई ने शनिवार को दिल्ली में बैंक की अशोक विहार शाखा समेत तीन ठिकानो पर सघन छापेमारी की | इनमे बैंक के एजीएम एसके गर्ग और विदेशी विनिमय  अधिकारी जैनीश दुबे के आवास पर भी छापे मारे गए | इस कारवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और वित्त मंत्रालय के सीरियस फ्रॉड इनवेस्ती- गेशन ऑफिस(एसएफआईओ) के अधिकारी भी शामिल थे | गौरतलब है कि मोदी सरकार विदेश से काला धन लाने को लेकर गंभीर प्रयास करने के दावे करती रही है , लेकिन वित्त मन्त्रालय और सम्बंधित एजेंसियों की नाक के नीचे सरकारी बैंक के जरिए करोड़ों का धन विदेश भेजने के खुलासे ने सरकारी कवायद पर सवाल उठा दिए है |

विजय माल्या के ५ ठिकानो पर सीबीआई छापे
नई दिल्ली_ सरकारी बैंकों के ब्रैड लोन (एनपीए) की जाँच कर रही सीबीआई ने उधोगपति,शराब कारोबारी और पूर्व राज्यसभा सांसद विजय माल्या के आवास सहित पांच ठिकानो पर छापामारी की है | मुंबई , गोवा और बंगलूरू में हुई ये छापामारी माल्या की कंपनी किंग फिशर को आई- डीबीआई बैंक से ९५० करोड़ रुपये के लोन से सम्बंधित है | किंग फिशर के नकारात्मक क्रेडिट रेटिंग के बाबजूद यह कर्ज दिया गया था | यह कम्पनी २०१२ से संचालन में नही है |        


क्या है मामला -जुलाई २०१४ से अगस्त २०१५ के बीच बैंक ऑफ बडौदा के ५९ खातों में ६१७२ करोड़ रुपये नकद जमा करवाए गये | काजू , दाल और चावल खरीदने के नाम पर ये पैसे हांगकांग की कुछ चुनिन्दा कंपनियों को भेजे गए थे |

कानूनी अड़चने खत्म कर परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को रफ्तार देगी सरकार


नई दिल्ली_ मोदी सरकार परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र से जुडी कानूनी अडचनो कोदूर कर इस क्षेत्र को एक नई गति देना चाहती है | सरकार ने इसके लिए परमाणु ऊर्जा अधिनियम में संशोधन करने का फैसला लिया है | इससे न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के लिए सरकारी क्षेत्र की कम्पनियों (पीएसयू) के साथ मिलकर साझा उपक्रम (जेवी) के रूप में परमाणु ऊर्जा परियोजना की स्थापना करने का रास्ता खुल जाएगा | इस तरह सरकार परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के काम को फ़ास्ट ट्रैक पर ला सकेगी | सरकार परमाणु ऊर्जा कानून में बदलाव के जरिये इस क्षेत्र की भागीदारी के लिए दरवाजे खोलने की ओर कदम बढ़ाएगी या नही, यह तो अभी स्पष्ट नही है , पर इतना तय है कि वह परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देकर देश में बिजली के उत्पादन में तेजी से बढोतरी करने का इरादा रखती है | सरकार बिजली उत्पादन के परंपरागत तरीके से आने वाले समय में पर्यावरण को लेकर उभरने वाली चिताओं और क्लाइमेट चेंज पर अंतराष्ट्रीय समझौतो के मानदंडो के पालन को सुनिश्चित करने के लिए अभी से सतर्कता भरा रवैया अपनाने की पक्षधर है | इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा को बढावा देने की नीति पर चल रही है | साथ ही साथ बर्ष २०२० तक देश में चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वह परमाणु ऊर्जा के उत्पादन में भी बढोतरी करना चाहती है | इस सबके लिए कैबिनेट नोट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है | अब इसे विचार-विमर्श के लिए मामले से जुड़े अन्य मंत्रालयों को और प्रधानमन्त्री कार्यालय (पीएमओ) की मंजूरी के भेजा जाएगा | मौजूदा परमाणु ऊर्जा कानून में कई ऐसे प्राबधान है , जो एनपीसआईएल को अन्य पीएसयू के साथ मिलकर परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने में बाधक बने हुए है | इसके अलावा कम्पनी कानून के कई प्रावधानों से जुडी अडचने भी इस दिशा में अवरोध खड़े कर रही है |

कानूनी अड़चने खत्म कर परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को रफ्तार देगी सरकार




नई दिल्ली_ मोदी सरकार परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र से जुडी कानूनी अडचनो कोदूर कर इस क्षेत्र को एक नई गति देना चाहती है | सरकार ने इसके लिए परमाणु ऊर्जा अधिनियम में संशोधन करने का फैसला लिया है | इससे न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के लिए सरकारी क्षेत्र की कम्पनियों (पीएसयू) के साथ मिलकर साझा उपक्रम (जेवी) के रूप में परमाणु ऊर्जा परियोजना की स्थापना करने का रास्ता खुल जाएगा | इस तरह सरकार परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के काम को फ़ास्ट ट्रैक पर ला सकेगी | सरकार परमाणु ऊर्जा कानून में बदलाव के जरिये इस क्षेत्र की भागीदारी के लिए दरवाजे खोलने की ओर कदम बढ़ाएगी या नही, यह तो अभी स्पष्ट नही है , पर इतना तय है कि वह परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देकर देश में बिजली के उत्पादन में तेजी से बढोतरी करने का इरादा रखती है | सरकार बिजली उत्पादन के परंपरागत तरीके से आने वाले समय में पर्यावरण को लेकर उभरने वाली चिताओं और क्लाइमेट चेंज पर अंतराष्ट्रीय समझौतो के मानदंडो के पालन को सुनिश्चित करने के लिए अभी से सतर्कता भरा रवैया अपनाने की पक्षधर है | इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा को बढावा देने की नीति पर चल रही है | साथ ही साथ बर्ष २०२० तक देश में चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वह परमाणु ऊर्जा के उत्पादन में भी बढोतरी करना चाहती है | इस सबके लिए कैबिनेट नोट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है | अब इसे विचार-विमर्श के लिए मामले से जुड़े अन्य मंत्रालयों को और प्रधानमन्त्री कार्यालय (पीएमओ) की मंजूरी के भेजा जाएगा | मौजूदा परमाणु ऊर्जा कानून में कई ऐसे प्राबधान है , जो एनपीसआईएल को अन्य पीएसयू के साथ मिलकर परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने में बाधक बने हुए है | इसके अलावा कम्पनी कानून के कई प्रावधानों से जुडी अडचने भी इस दिशा में अवरोध खड़े कर रही है |